मिडिल ईस्ट महासंग्राम: जब आसमान से बरसी 'मिसाइलें' और जमीन पर हुआ 'धमाका'!

धमाका: तेल अवीव पर मिसाइलों की बारिश! ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा 'सुपर-वॉर'

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मिडिल ईस्ट महासंग्राम: जब आसमान से बरसी 'मिसाइलें' और जमीन पर हुआ 'धमाका'!

News Desk: मिडिल ईस्ट में खलबली! जिस बात का डर पूरी दुनिया को था, वही हुआ। ईरान ने अपनी तिजोरी से सबसे खतरनाक मिसाइलें निकालकर सीधे इजरायल के दिल यानी तेल अवीव पर दाग दी हैं। आसमान में चारों तरफ आग के गोले और सायरन की गूंज है।

1. तेल अवीव पर ईरान का 'मिसाइल अटैक'

मंगलवार की सुबह इजरायल के लिए किसी डरावने सपने जैसी रही। ईरान ने एक बार फिर अपनी ताकत की नुमाइश करते हुए तेल अवीव की ओर धड़ाधड़ कई मिसाइलें दाग दीं। जैसे ही आसमान में ये आग के गोले दिखे, पूरे शहर में सायरन गूंज उठे।

  • नतीजा: इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम (आयरन डोम) ने कई मिसाइलों को हवा में ही ढेर कर दिया, लेकिन मलबे की चपेट में आने से करीब 6 लोग घायल हो गए।

  • दहशत: यरूशलेम तक धमाकों की गूंज सुनाई दी और लोग अपनी जान बचाने के लिए बंकरों की तरफ भागे।

2. ट्रंप की 'गूगली' और ईरान का पलटवार

इधर जंग जारी है और उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी अलग ही खिचड़ी पका रखी है। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी ईरान के किसी बड़े अधिकारी से "बहुत शानदार और ठोस" बातचीत हुई है, इसलिए वो ईरान के पावर प्लांट्स पर होने वाले हमलों को 5 दिन के लिए टाल रहे हैं।

मजेदार बात: ईरान ने तुरंत इस खबर को 'फेक न्यूज' करार दे दिया! ईरान के अधिकारियों ने साफ कहा कि हमारी कोई बात नहीं हुई है, ट्रंप बस बाजार को शांत करने के लिए हवा में तीर चला रहे हैं।

3. हिजबुल्लाह का 'डबल धमाका'

लेबनान के मोर्चे पर हिजबुल्लाह ने भी अपनी कमर कस ली है। उसका दावा है कि उसने इजरायली सेना के 5 ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं।

  • उत्तरी इजरायल की बस्तियों (सासा और ईन हाकोवशम) में हिजबुल्लाह ने रॉकेटों की ऐसी बरसात की कि इजरायली सैनिकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

  • वहीं इजरायली सेना का कहना है कि उन्होंने बेरूत में हिजबुल्लाह के गढ़ पर हमला कर उनके दो बड़े सदस्यों को दबोच लिया है।

4. 'होर्मुज की जलसंधि' पर वर्ल्ड टेंशन

दुनिया भर की नजरें अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर टिकी हैं। ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके पावर प्लांट्स को हाथ भी लगाया, तो वो इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह बंद कर देगा।

  • असर: अगर ऐसा हुआ तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल के दाम रॉकेट की तरह ऊपर भागेंगे। फिलहाल कच्चा तेल $100 के पार पहुंच चुका है।

5. क्या निकलेगा शांति का रास्ता?

कहा जा रहा है कि इस हफ्ते पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक बड़ी 'पंचायत' बैठ सकती है। चर्चा है कि ट्रंप के करीबी और ईरानी प्रतिनिधि वहां आमने-सामने बैठकर सुलह की कोशिश कर सकते हैं। पर फिलहाल तो गोली और बारूद की आवाज ही सबसे तेज है।